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इतनी मेहरबानी आज कर देना,
बस तुम मुझे आज़ाद कर देना।
हर अच्छी यादें तुम ले जाना,
जो मुझको तेरी तलब न करें।
हर बुरी यादें तुम ले जाना,
जो मुझको मलाल न करें।
इतनी मेहरबानी आज कर देना,
बस तुम मुझे आज़ाद कर देना।
तेरी हर बात जो सच्ची थी,
वो भी ले जाना।
तेरी हर बात जो झूठी थी,
वो भी ले जाना।
मुझे मेरी सादगी दे जाना,
मुझे निर्दोष कर जाना।
इतनी मेहरबानी आज कर देना,
बस तुम मुझे आज़ाद कर देना।
कुछ जो मेरी ही अंदर की चाह थी
जो तुम्हे मेरे जीवन में लाई
सबकुछ कुदरत की ही मर्ज़ी थी
बस मुझको तुम माफ कर देना
और तुम मुझे आज़ाद कर देना।
इतनी मेहरबानी आज कर देना,
बस तुम मुझे आज़ाद कर देना।